Gay True feelings

कल मैं Doaba College के बाहर से निकल रहा था। तो मुझे एक लड़का मिला जिसने मुझ से लिफ्ट मांगी।मैनें उसे बाईक पर बिठा लिया कुछ दुर जाते ही उसनेे मुझे छुना शुरू कर दिया और कहा भईयाआप की क्या बाडी है। मैनें उसे पिछे गुस्से से देखा और उसका हाथ हटा दिया।फिर उसने कहा Sorry मैं क्या करूँ भगवान ने मुझे बनाया ही ऐसा है  मुझे लड़कियों से ज्यादा लड़के अच्छे लगते है। उसकी इस बात ने मेरे गुस्से को शांत किया। मैंने सोचा शायद यह सही कह रहा हो। शायद इस में इसकी कोई गलती ना हो। कुछ देर बाद तो उस लड़के ने हद कर दी मुझे जोर से पकड़ लिया ओर बोला। Please मेरी तरफ देखो मैं क्या किसी लड़की से कम हूँ। मैं किसी भी लड़की से ज्यादा कामुक हुँ। Please मुझे Kiss Karo.
मैनें बढ़ी सोच कर उसे कहा यहां यह सब अच्छा नहीं लगता। साथ में ही मेरे दोस्त का खाली घर है। तुम यहां रूको मैं उस घर की चाबी लेकर आता हूँ। तो वो उतर गया और कहा Please जल्दी आना। इस तरह मैनें उस दिन अपनी इज्जत बचा ली।और वापस आ गया ।पर आज भी मेरे मन में यह सवाल बार-बार उठता है। क्या वो लड़के की इस में कोई गलती ना थी। शायद उस की भगवान ने ऐसा ही बनाया हो जो हमारी समझ से बाहर हो।