meri prem kahani – hindi story

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मेरा नाम रीया (बदला हुआ नाम) है मै कपूरथला की रहने वाली हुँ आज मे आपको अपने जीवन के सच के बारे मे बताती हुँ। हमारे घर की Financial Condition अच्छी नही थी हमारे घर का खँचा भी मुश्किल से चलता था। मै अपने बच्चो को अच्छे स्कूल मे नही दाखिल करवा सकती थी। यह बात सात साल पहले की है जब मै बहुत बीमार थी मै Doctor प्रेम (बदला हुआ नाम) के पास गई तब उन्होने मुझे दवा लिख कर दी मै बाहर आकर लेने गई तो पता चला 370 Rs की है। मै फिर दोबारा प्रेम क़े पास गई मैने कहा सर Please मुझे कम रेट की दवाई लिख दे मै इतने पैसे नही खँच कर सकती उन्होने मुझे अपनी तरफ से दवा दे दी और कोई पैसा भी नही लिया। मै घर वापिस आ गई फिर कुछ दिन बाद Dr प्रेम हमारे घर आए वो मेरे पती को जानते थे। वह उन्हे मिल कर चले गए उस दिन हमारी बात नही हुई। फिर एक दिन हम लोग एक Marriage Party मे गए हुए थे ज़हा पर Dr प्रेम भी आए हुए थे उस दिन मुझे लगा शायद Dr प्रेम भी पसंद करते है मैने उनकी आँखो मे मेरे लिए प्यार देखा आपको तो पता ही है एक लडकी किसी कि आँखो को आसानी से पढ सकती है।
मै उनके पास गई और उन्हे Free दवाई के लिए Thanks किया उन्होने मुझे Job Offer की अपने Hospital मे और Salary भी अच्छी दे रहे थे। मै ज्यादा पढी लिखी हुँ इसलिए उन्हे मैने कहा मै काम नही कर सकती क्योकि मुझे English नही आती Dr प्रेम बहुत ही नेक इनसान है उन्होने कहा कोई फिक्र की ज़रूरत नही मै सब सभाल लुगा तुम्हे काम और English भी सिखा दुगा। मैने कहा सर मै अपने पती से पुछकर बताऊगी उन्होने कहा “No Problem” मै घर गई फिर मैने कहा जाकर अपने पती से बात की पहले वो मान नही रहे थे फिर मैने बताया Dr प्रेम मुझे 7,000 रू प्रति महिना देगे शायद जो उनकी Salary का भी दुगने के करीब था उन्होने हां कर दी। अगले दिन ही मै उनके Hospital मे गई मै उनसे मिली उन्होने कहा हमारे यहा काम Shifts मे होता है कभी कभी Night Shifts मे भी काम करना पड सकता है। मैने फिर भी हां कर दी क्योकि मुझे पैसो की बहुत जरूरत थी उन्होने दुसरी शरत रखी की यहा पर तुम सुट नही पहन सकती हमारे यहा पर Dress Code है वही तुम्हे ही पहना होगा मैने फिर भी हा कर दी क्योकि मुझे पैसे की बहुत जरूरत थी ।

मैने कभी भी Modern Dress नही पहनी थी। मैने पहले यह बात अपने पती को नही बताई क्योकि शायद वो उस समय इस बात को नही मानते फिर मैने काम शुरू किया मै घर साधारण कपडे पहन कर आती थी और Office आ क़र Office Dress पहनती थी। फिर ऐसे ही काम चलता रहा मै शुरू से ही बहुत मेहनती और ईमानदार थी। मैने काम बडी ही लग़न से शुरू किया। सिफँ 6 महीने मे ही Dr. प्रेम मेरे काम से खुश हुए उन्होने मुझे Per motion देकर Duty In charge बना दिया अब सारे Hospital का काम काज मै संभालती थी हर समय Dr प्रेम के साथ रहती Dr प्रेम का मुझ पर बहुत विश्वास बढ गया अब उन्होने मुझे अपने Hospital की Manager बना दिया फिर Office की चाबी भी मुझे दे दी। पर कभी भी उन्होने मुझ से कभी और बात नही की। पर मुझे पता था Dr प्रेम मुझ से प्यार करते है। शायद वो कभी बोल नही पायेग़े न ही मै क्योकि मै तो शादीशुदा थी। हमारे बीच ऐसे ही चलता रहा। हम एक दुसरे के बहुत करीब हो गए पर कभी भी एक दुसरे से अपने प्यार के बारे मे नही बताया मै भी Dr प्रेम का ध्यान ऐसे रखती ज़ैसे कोई पत्नी अपने पती का रखती है। फिर एक दिन Dr प्रेम और मै Office मै बैठे थे पता नही उस दिन प्रेम को क्या हुआ वो काफी देर तक मुझे ही देखे जा रहे थे। मै समझ गई मैने कहा सर जो बात दिल मे हो कह देनी चाहिए सर मुस्करा गए उन्होने कहा कुछ बाते सिफँ समझी जा सकती है बोली नही वो और मै दोनो एक दुसरे को काफी देर एक दुसरे की तरफ देखते रहे। उन्होने फिर मेरा हाथ पकड लिया मैने अपनी नजरे नीचे कर ली मै शरमा गई थी किसी ने भी मेरा हाथ ऐसे प्यार से नही पकडा था। शायद मेरे पती ने भी नही पर पता नही फिर क्या हुआ Dr प्रेम ने अपना हाथ पीछे कर लिया और उठ कर चले गए फिर कुछ दिन हम दोनो आपस मे नही बोले फिर एक दिन Dr प्रेम कमरे मे थे मै वहा गई वो उठ कर बहार जाने लगे मैने कहा सर क्या मुझ से कोई गलती हो गई है। तो उन्होने कहा नही तुझसे कोई गलती नही हुई है। वो बहार जाने लगे मैने उनका हाथ पकड कर रोक दिया पर उन्होने कहा मै तुमसे बहुत प्यार करता हुँ। पर मुझे नही पता क्या तुम भी मुझे प्यार करती हो या नही मै तुमसे इसलिए नही अपनी बात रख पाया शायद तुम अपनी नौकरी के लिए हा कर दो मै किसी की मजबुरी का फायदा नही उठा सकता। उनकी इस बात ने मेरा दिल जीत लिया मैने उन्हे Kiss किया और क़हा अब तो खुश मै भी आपसे बहुत प्यार करती हुँ। मैने आप से पहली Kiss की है। यह तो कोई मजबुरी नही हो सकती फिर हम दोनो एक दुसरे के बहुत करीब आ गए Office मे हम दोनो पती पत्नी की तरह ही रहते शायद यह बात सारे Staff ने भी महसूस कर ली। अब Dr प्रेम मेरे बिना नही रह सकते अगर मै एक भी पल लेट हो जाऊ तो वह बहुत गुस्सा हो जाते है। पर उतनी ही जल्दी मान भी जाते है।
फिर मेरे पती 3 साल के लिए Dubai चले गए। मै Dr प्रेम को ओर भी ज्यादा समय देना शुरू कर दिया वह मेरे बच्चो से भी बहुत प्यार क़रते है। और मेरे बच्चे भी उनसे बहुत ज्यादा सब कुछ ऐसे ही ठीक चल रहा था अब मेरे पती Dubai से वापिस आ गए है अब उन्होने वहा पर मेहनत कर काफी पैसा कमाया है तो वो मुझ पर दवाब बना रहे है कि मै नौकरी छोड दु पर अब मै सिफँ नौकरी नही कर रही। चाहे मेरी मांग मे सिंदुर मेरे पती का है पर अब मै Dr प्रेम से बहुत प्यार करती हुँ। शायद मै उनके बिना न जी पाऊ मुझे अपने से ज्यादा उनकी फिक्र है वो भी मेरे बिना नही रह सकेगे। पर आप तो समझते ही हो की एक समाज मे औरत की जगह क्या है मैं समाज के बंधनो से बंधी हुई है की तलाक शब्द हमारे लिए कलक बन जाता है। शायद मै इस बजह से अपने पती से भी दुर नही जा सकती और Dr प्रेम के बिना नही रह सकती अब मै टुटी जा रही हुँ मै अपने पती की बातो का सामना नही कर सकती न ही Dr प्रेम को छोड सकती हु।
एक औरत ही औरत का ददं समझ सकती है। अगर आप औरत है और आप को लगता है मुझे Dr प्रेम को नही छोडना चाहिए Please आप मेरी यह कहानी जरूर Share और Like करे मुझे इस बात से बल मिलेगा।