nafrat ki aandhi

मेरी बेटी सिमरन सेंट डेविस पब्लिक स्कूल में पढ़ती है | मैं उसे बहुत प्यार करती हूँ | सिमरन मुझे अक्सर घर आकर स्कूल में क्या क्या हुआ सब बताती है | मुझे उसकी यह बात बहुत लुभाती है |

एक बार दोपहर में वह स्कूल से घर आई पर ये क्या उसके माथे पर चोट लगी हुई थी | इस बात की complaint मैंने स्कूल अधिकारी को दी और उसके बारे में जानकारी ली | सिमरन मुझे कुछ भी नहीं बता पा रही थी | फिलहाल मैं उसे लेकर डॉक्टर के पास जाकर दवाई दिला लायी और उसे आराम कराया | अगले दिन मैं उसके स्कूल उसके साथ गयी | वहाँ जाकर पता चला कि सिमरन को उसी की कक्षा की लड़की ने धक्का दिया था | वह बच्ची अक्सर कक्षा में हाथापाई करती थी |इस बात की सूचना उसके माँ बाप को बहुत बार दी गयी थी परन्तु उसके माँ बाप अबतक स्कूल में मिलने नहीं आये थे |

उस मासूम बच्ची को देख मुझे बहुत तरस आ रहा था की उसके माँ बाप उसपर बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहे थे | थोड़ी छानबीन करने के बाद पता चला की बच्ची का यह बार बार दुसरे बच्चो पर गुस्सा निकालना उसके माँ बाप के घर पर लड़ने का नतीजा था | वह बच्ची इस बात को पसंद नहीं करती थी के उसके माँ बाप लड़ते है | उस बच्ची का यह गुस्सा घर पर नफरत की आँधी की तरह बार बार बच्चो पर उतर जाता था | मैंने उस बच्ची को कुछ भी नहीं कहा पर उसके माँ बाप को घर पर जाकर समझाया की उनकी इस घरेलु हिंसा का नकारात्मक प्रभाव उनकी मासूम सी बच्ची पर पड़ रहा है |