sone ki chamak

कहते हैं सोने को घिस घिसकर ही सुनार उसकी असली चमक को बाहर लाता है। ऐसे ही पिता अपने बेटे को मेहनत करा करा कर ही उसे ज़िन्दगी के सही मूल्यों का ज्ञान देता है। मैं रामजी दास का बेटा सिद्धार्थ हूँ। मैं अपने पिता की इस बात के बिलकुल

nafrat ki aandhi

मेरी बेटी सिमरन सेंट डेविस पब्लिक स्कूल में पढ़ती है | मैं उसे बहुत प्यार करती हूँ | सिमरन मुझे अक्सर घर आकर स्कूल में क्या क्या हुआ सब बताती है | मुझे उसकी यह बात बहुत लुभाती है | एक बार दोपहर में वह स्कूल से घर आई पर

Meri Parvarish

मैं राधेश्याम (परिवर्तित नाम )  मेरी एक छोटी सी पान की दुकान है। मेरे दो बच्चे है एक बेटा और एक  प्यारी सी बेटी। मेरा बेटा कॉलेज में  पढता है और बेटी अभी दसवीं कक्षा में है।  बच्चों पर पूरा विश्वास रखता हूँ और अपनी परवरिश पर पूरा अभिमान है

meri jhuthi shaan

मैं रजत अपने घर में राजा की तरह पला बढ़ा | मुझे हमेशा सिखाया गया कि जो मैं करता हूँ कहता हूँ सब कुछ ठीक है | मेरे माँ बाप ने मेरा एडमिशन शहर के बहुत नामी स्कूल में कराया था | क्यूंकि छोटें लोगो को तो जैसे मैं अपनी

meri galti

मैं एक 20 वर्षीय लड़के की माँ हूँ। मुझे अपने बेटे  की हालत देख कर बहुत दुःख होता है। आज वह बिना ड्रग्स का इंजेक्शन लिए  सोता नहीं है। उसकी इस हालत के लिए मैं खुद को ही दोषी मानती हूँ। मैंने कभी अपने बच्चे के  खर्चों की ओर ध्यान 

mata pita ka satkaar

माता पिता की सेवा और  सत्कार करने का मौका बहुत भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है। मैं सुलेखा इस बात को महसूस करती हूँ कि काश समय रहते मैं अपने माँ बाप की सेवा  कर पाती। शादी से पहले मैं अपने माता पिता का बिलकुल भी आदर नहीं करती थी।अपनी

Mom, I LOVE U

मैं राधेश हूँ। आज मैं एक डॉक्टर हूँ। और ये सब मेरी माँ की मेहनत का नतीजा है। मेरे पिता की मौत के बाद मेरी माँ ने बहुत मेहनत की। अनपढ़ होने के बावजूद उन्हें जो छोटा मोटा काम मिलता सब करने लगती जैसे दूसरे के घरों में सफाई ,कपडे

Miss u dad

#Male(Sunil) #22 This is a Confession for my  FATHER I am 22 years old and graduated this year. I want to tell you that My father passed away six months ago. He was fighting with cancer for past three years. He spent his last time in lot of pain. A

aakeli ladkiyan – Girl Alone

आज कल भागदौड़ वाली ज़िन्दगी ने सभी लोगों को व्यस्त कर दिया है | लोग अपने परिजनों को ही समय नहीं दे पा रहें हैं | जिसकी वजह से सभी दूर जा रहे हैं और रिश्ते भी भूल रहे हैं | लोग अगर मिलते हैं तो 1 घंटे के लिए