Really I Love him – True love story

Please share...Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on StumbleUponDigg this

शायद मैं ही बेवकूफ थी जो उनके प्यार को पहले ना समझ पाई।और आज तक पछता रही हुँ। कभी कभी मुझे यह घटना याद आती है।तो मेरा सिर श॔म से झुक जाता है।वह बहुत अच्छे थे जो उन्होंने मेरी इस बेवकूफी को भी माफ कर दिया। शायद वो मुझे अपनी जान से भी ज्यादा चाहते थे।मेरी लव स्टोरी कोलज़ से शुरू हुई। हमारे कोलज़ का आखिर दिन था।मैं उसने प्यार करती थी।शायद वो भी तभी मुझे हर समय देखते रहते।पर मुझ से बात करने की हिम्मत ना की।मैं उनके पास जाने की बहुत कोशिश करती।उनको मौका भी देती कि वह मुझसे बात कर ले।पर वो कभी भी मेरे पास नहीं आते।शायद उनमें मुझसे बात करने की हिम्मत थी। उस दिन कोलज़ का आखिर दिन था पर उस दिन भी वो मुझसे बात ना कर पाए मैंने कहीं से उनका नम्बर ले लिया और कुछ दिनों बाद उन्हें मिस का॔ल की। उनकी बैक का॔ल आई। और उन्होंने पुछा कौन हो।मैंने कहा गलती से लग गया था Sorry और मैंने फोन काट दिया।उन्होंने मेरा नम्बर Save कर लिया था जो मुझे नहीं पता था। पर उन्होंने ना कभी मैसजे किया और ना ही फोन का॔ल ।मैनें कुछ दिनों बाद फिर का॔ल की तब भी मैंने कहा गलती से लग गया है।
फिर मैंने फोन काट दिया।उन्होंने वापस का॔ल की और मुझे बताया कि मैंने पहले भी का॔ल की थी।तब मैंने कहा हां कि थी तो उन्होंने कहा बताऐ कौन हो तुम मैनें कहा आप पहचान लो। मैं आपको पहचाने का मौका देती हुँ।उन्होंने कहा पहचान तो पकी है।कि हमने आपस में कभी बात नहीं की है ।इसलिए मैं आप की आवाज़ की पहचान नहीं पा रहा हूँ। मैंने कहा आप सही कह रहे हो।
वो: क्या हम पहले कभी मिले हैं।
मैं: हां हम आपस में सिधे तो नहीं पर एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते है।
वो: वह कैसे
मैं: मैंने कई बार देखा है।आप मुझे देखते रहते थे।
वाे: अच्छा मैं पहचान गया
मैं: तो बोलो मेरा नाम क्या है।
वाे: मुझे नाम तो नहीं पता पर मैं यह जानता हूँ।कि आप सुंदर हो।
मैं: लड़कियों को खुश करने का काफी Experience है आपको
वाे: मुझे लड़कियों को खुश नहीं करना सिफ॔ आप को खुश करना हैं।
मैं: अच्छा फिर मेरा नाम बताओ।
वाे: मैंने आजतक सिफ॔ एक लड़की की तरफ़ ही देखा है।वो भी मैं उस से बात नहीं कर पाया।
मैं: तो बताओ मैं कौन हूँ।
वाे: मुझे आप का नाम तो नहीं पता। पर मैं आपकी पहचान बताता हूँ।
मैं: चलो बताओ।
वाे: आप बहुत सुदंर है। सब से सुदंर
मैं: यह कोई पहचान ना हुई।कुछ और बताओ।
वाे: आप जैसा रंग पुरे शहर में नहीं है। आप Foreigner लगती हो।
मैं: यह तो कोई पहचान ना हुई। बहुत सारी लड़कियों का रंग साफ है।
वाे: पर आपकी बात अलग है।
मैं: हां अगर अलग है।तो मेरी पहचान बताऔ।
वाे: आपके बाल बहुत लम्बे हैं।
मैं: यह तो सभी लड़कियों के होते हैं।
वाे: आपके आखें बहुत सुदंर हैं।
मैं: अगर सही में पहचानते हो तो बताओ नहीं तो मैं फोन काट रही हूँ।
वाे: आपके झुमके तो काफी Famous है।(सच में मुझे झुमकाे का काफी शौक था। तब सच में मुझे लगा शायद उन्होंने मुझे पहचान लिया है।पर मैं भी कहां मानने वाली थी।)
मैं: झुमके तो सभी लड़कियां पहनती है। आप फेल हो गये
वाे: मैं फेल नहीं पास हुआ हूँ।तभी तो जिस लड़की का सारा काेलज़ दिवाना था वो मेरी दिवानी है। इसके बाद मेरे पास कोई शब्द ना थे बोलते को मैंने कहा पापा आ गऐ है। बाद में बात करूँगी।पर तुम कभी भी फोन मत करना। इसके बाद मैंने फोन काट दिया फिर जानबूझ कर काफी दिनों बाद फोन किया।
वाे: क्या हाल है आपका।