Relationship

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कभी कभी तो समझ नहीं आता कि इंसान रिश्ते बनाता क्यों हैं और क्यू उनके टूटने पर दुःख होता है |

मैं वन्धना शर्मा MGN स्कूल की 12वीं की छात्रा हूँ | स्कूल के दिनों में मैं और मेरी 4 खास सहेलियाँ बहुत मस्ती किया करते थे | हमने सोच रखा था कि हम कभी अलग नहीं होंगे | पूरी ज़िन्दगी साथ रहेंगे | ये दोस्ती कभी टूटने नहीं देंगे | सुख दुःख में एक दुसरे का साथ देंगे | पूरा साल बीता | परीक्षाएं पास आ गयी | हम सबने अच्छे से परीक्षाएं भी दी | 12 वी का परिणाम भी आ गया | अब हम सब सोचने लगे की आगे पढाई के लिए कहाँ से शुरुयात करें | देखते ही देखते सबने अलग अलग शहर  के कॉलेज दाखिला ले लिया | अलग अलग होते समय हमें बहुत दुःख हो रहा था | हम सब रो भी रहे थे |

फिर देखते ही देखते हम सब अपनी अपनी पढाई में व्यस्त हो गए | समय निकलता गया | कोई एक दुसरे से बात भी नहीं कर पाता था | अलग अलग जगह और दूसरे दोस्त बनें और पुराने छुट गए |

ऐसा क्यों होता है कि नए रिश्ते बनते चले जाते हैं और पुराने टूटते | पुराने रिश्तों को हमें संजो कर रखने की कोशिश करनी चाहिए |