sacrifice of sister – true story in hindi

यह मेरी Real Story है। हमारा परिवार Ludhiana से संबघ रखता है। मेरा नाम ******* है। हमारे परिवार क़ुल 6 सदस्य है। मम्मी पापा मै और मेरी 3 बडी बहने है। ज़ब मेरी पहली बहन पैदा हुई तो हमारे घर मे बडी मायूसी छा गई थी। उसके बाद दो बहने होने पर और मायूसी थी। घर मे मम्मी पापा परेशान रहते थे। मेरे पापा एक़ फेक्टरी मे काम क़रते उनक़े दोनो हाथ क़ट ग़ये थे तब मेरी बडी बहन क़ेवल 14 साल की थी। अब सारी परिवार की ज़िमेवारी मेरी बडी वहन और मेरी मां क़े ऊपर आ गई थी।मेरी मां ने कपडे सिन्ने क़ा क़ाम शरू क़िया ज़िस मे मेरी बडी बहन ने बहुत साथ दिया फिर दोनो ने बहुत मेहनत की। मेरी बहन ने काम के साथ साथ पढाई भी जारी रखी पर पैसे की तगी के कारण मेरी बहने ने केवल 10+2 के बाद अपनी पढाई छोड दी और मुझे और मेरी बहनो को पढाया। आज मै Doctor हुँ और मेरी एक़ बहन Engineer है। हम सब अपनी बडी बहन के किया नही भुल सक़ते। यह अपनी Story मै यहा पर इस लिए लिख रहा हुँ। ताकि जो लोग लडकी पैदा होने पर शरम महसूस करते है। उन्हे भी गरव महसूस हो ज़ैसे आज मुझे अपनी मां और बडी बहन पर गरव है।