हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम है रिवाईका और आज मई आपके सामने अपने प्यार के उन किसान को खोलने जा रही हूँ जिनको मैंने आज तक किसी के सामने नहीं खोला। आज मैं आपको बताऊँगी की प्यार किस चिड़िया का नाम है और किस प्रकार आप इसमें डूबते जाते हो और बहार निकलने का कोई भी रास्ता नहीं होता।
मैंने पहला प्यार किया जब मैं प्यार को मानती भी नहीं थी। मेरे लिए तो बस वो एक टाइम – पास था। जब मैं स्कूल के युथ फेस्टिवल के लिए तैयारी कर रही थी तब मेरी मुलाकात मेरी दोस्त कोमल के बड़े भाई मयंक के साथ हुई। धीरे-धीरे हम दोस्त बने और फिर दोस्ती के बाद हमें प्यार हुआ। हमारा प्यार कब गहरा हुआ और गहरे प्यार में कब तकरार पैदा हो गयी ये तो मैंने कभी सोचा भी नहीं था।
युथ फेस्टिवल की तैयारी के दौरान हम अक्सर एक दुसरे से मिला करते थे। हम दोनों रोज़ इकठे शाम की चाय पिया करते थे। हम एक दुसरे को अपना-अपना दिल दे बैठे थे। मगर इस बात की खबर घर में किसी को नहीं थी। यहाँ तक की मयंक की बेहेन और मेरे दोस्त कोमल भी कुछ नहीं जानती थी। एक दिन पता नहीं मयंक को क्या हुआ। मयंक ने मुझसे आकर कहा “अब सब कुछ ख़तम हो चूका है, अब हमारी दोस्ती को आगे बढ़ाने का कोई फायदा नहीं।” मैंने मयंक को समझने की कोशिश की। मैंने उसे काहा “तुम ये क्या कह रहे हो, इसकी क्या वजह है, अगर मैंने कुछ गलत किया तो मुझे माफ़ करदो, मई तुम्हे ज़िन्दगी भर खुश रखूंगी। तुम मेरे लिए सब कुछ हो।”
लेकिन मयंक ने मेरी एक नहीं सुनी और वह से चला गया। इसके बाद मैंने ये पता लगाने की कोशिश की आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? फिर मुझे पता चला की मयंक को मेरी ही बेस्ट फ्रेंड, सुरभि ने मेरे बारे में पता नहीं क्या अनब-शनाब काहा और मयंक ने उसे सच मान लिया। मयंक मुझपर विश्वास नहीं किया। मेरे इतना मनाने के बाद भी उसने मेरी नहीं लोगों की सुनी। मयंक मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ मगर तुमने मेरे साथ बहुत बुरा किया।
I HATE YOU MAYANK…
Mera sath bhi ladki ne dhoka Kiya,wo Mera dost ke sath afair bna liya.mujhe aaj bhi ek Sachi dost ki tlash h