जिंदगी के फैसले सोच समझ कर और जाँच पड़ताल कर के ही करे | मौत का रिश्ता |

हेलो दोस्तों मेरा नाम मनीषा (बदला हुआ नाम) है | आज मैं आपके साथ अपनी जिंदगी का वो किस्सा शेयर करने जा रही हूँ जिसके बाद मुझे और मेरे परिवार को एक नया जीवन मिला था


बात उन दिनों की है जब मेरे माता पिता ने अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए मेरा रिश्ता किया था | मेरी उम्र काफी हो गयी थी लेकिन कहीं शादी नहीं हो पा रही थी | कभी गुणों में कमी तो कभी ग्रहो की मुश्किल मेरे परिवार वाले बहुत परेशान हो चुके थे |
तभी हमारे घर मेरी चाची आई, उन्होंने मेरे पिता जी को एक रिश्ता बताया मेरे पिता जी ने इस रिश्ते के लिए हाँ बोल दी
मेरी माँ ने पिता जी से बोला – आप इस तरह से किसी भी रिश्ते के लिए हाँ कैसे बोल सकते है , न तो हमें लड़के का पता है और न ही उसके खानदान का !
इस पर पिता जी बोले – चाची अगर रिश्ता लायी है तो देख परख कर ही लायी होंगी तुम बस इस रिश्ते से खुश रहो सब ठीक होगा |
बस फिर क्या था मेरा रिश्ता तय हो गया लड़के वाले हमारे घर पर आये उन्होंने शादी जल्दी करने की बात की


पिता जी राजी हो गए मैं उस दिन बहुत खुश थी बहुत सपने देखने लगी शादी के, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था जिस दिन लड़के वाले घर आ कर वापिस गए उस दिन के बाद मुझे अजीब सा मह्सूस होने लगा
मुझे रोने की आवाजे सुनाई देने लगी रात को सपने भी डरावने आने लगे मैं घर वालो से बहुत अजीब बर्ताव करने लगी कभी जोर जोर से रोने लगती कभी सामान तोड़ने लगी कभी अपने आप को नुकसान पहुंचने लगी मेरी माँ मुझे इस तरह देख कर घबरा गयी
उन्होंने पिता जी से कहा – जब से रिश्ता हुआ है और जब से लड़के वाले घर से गए है तब से मनीषा का बर्ताव अजीब हो गया है पिता जी ने माँ को उनका वेहम कह कर बात पर धियान नहीं दिया |
लेकिन जो उसके अगले दिन हुआ उसने सब के होश ही उड़ा दिए मैंने अपने ही कमरे में आग लगा ली लोग इकठा हो गए जैसे कैसे कर के आग को बुझाइया गया और मैं बेहोश हो गयी ये सब देख मेरे पिता जी हैरान हो गए उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था के अब वो क्या करे ?
मेरी इस तरह की हालत देख मेरे पिता जी ने शादी को भी तोड़ने का फैसला लिया मेरा डॉक्टर से इलाज करवाने लगे
मेरे पिता जी लड़के वालो के घर गए इस रिश्ते को मना करने के लिए , रास्ते में पिता जी ने किसी से उनके घर का पता पूछा
आदमी ने पिता जी से पूछा – क्या आप ही अपनी बेटी का रिश्ता करवा रहे है यहाँ ?
पिता जी – जी हाँ |
आदमी – क्या आपको इसके बारे में सब पता है ? पिता जी सोच में पड़ गए
और कहा – क्या मतलब है आपका ?
आदमी पिता जी को अपने साथ अपने घर ले गया और उन्हें सारी बात बताई
उन्होंने ने बताया के इनका बेटा पुणे शहर गया था काम करने जहाँ ये रहते थे वहाँ पास ही कब्रिक्सटन था और किसी लड़की की रूह इसके पीछे लग गयी
जब इसे पता चला तो ये वापिस आ गया और इसके घर वाले इसका रिश्ता करवाने लगे लेकिन जो भी इसका रिश्ता करता उस लड़की की या तो मृत्यु हो जाती या उस पर कोई मुसीबत |
ये बात सुन कर पिता जी को बहुत जोर का सदमा लगा क्योकि उनकी बेटी यानि के मैं मनीषा इस सब का सामना कर रही थी मेरे पिता जी लड़के वाले के घर गए और रिश्ते मनाह कर दिया और वहां से वापिस आ गए
पिता जी ने सारी बात माँ को बताई मेरी माँ ने बहुत सुनाया पिता जी को के उनके कहने पर भी उन्होंने उनकी बात न मानी
और रिश्ते के मनाह होते ही मेरी तबियत ठीक हो गयी मेरे घर वाले बहुत खुश हुए
और आज मेरी शादी भी हो गयी और मेरा एक बेटा भी है
दोस्तों मैं आपको सिर्फ इतना ही कहूँगी के अपनी जिंदगी के फैसले सोच समझ कर ले जाँच पड़ताल कर के ही कोई फैसला करे
धन्यवाद्

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